Nagaur patrika news…नगरपरिषद की कमान एक हाथ में, विकास की रफ्तार बढ़ाने का रास्ता साफ…VIDEO

नागौर. नगरपरिषद नागौर में लंबे समय से अटकी प्रशासनिक गति को तेज करने के लिए राज्य सरकार ने निर्णायक कदम उठाया है। राजस्थान सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी कर नए बोर्ड के गठन तक नगरपरिषद की प्रमुख शक्तियां आयुक्त को सौंप दी हैं। वर्तमान में नागौर नगरपरिषद के आयुक्त के रूप में उपखण्ड अधिकारी गोविंद सिंह भींचर कार्यरत हैं और अब नगरपरिषद से जुड़े सभी महत्वपूर्ण निर्णय उन्हीं के अधिकार क्षेत्र में रहेंगे। राज्य सरकार की ओर से गत 7 फरवरी को जारी आदेश के तहत राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 326 में प्रदत्त शक्तियों का उपयोग किया गया है। इसके साथ ही राजस्थान नगरपालिका लेखा नियम 1963 के नियम 7 तथा राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों के तहत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सभापति और वित्त समिति से संबंधित अधिकार नए बोर्ड के गठन तक आयुक्त अथवा अधिशासी अधिकारी को दिए गए हैं। इस फैसले के बाद नगरपरिषद में प्रस्तावों की मंजूरी, वित्तीय स्वीकृति और विकास योजनाओं पर निर्णय की प्रक्रिया में आ रही रुकावट दूर हो गई है। बोर्ड के अभाव में जिन कार्यों पर विराम लग गया था, अब वे सीधे प्रशासनिक स्तर पर आगे बढ़ सकेंगे। नागौर नगरपरिषद में वर्तमान आयुक्त गोविंद सिंह भींचर के पास अब अध्यक्ष और वित्त समिति तक की शक्तियां होंगी। इससे नगरपरिषद के कामकाज में स्पष्ट जवाबदेही तय होगी। सडक़, सफाई, रोशनी, जलापूर्ति, ठोस कचरा प्रबंधन और नगरीय सुविधाओं से जुड़े फैसलों को अब तेजी से अमल में लाया जा सकेगा। नगरपरिषद क्षेत्र में कई विकास कार्य निर्णय और स्वीकृति के अभाव में अटके हुए थे। नए आदेश के बाद ठेकों, खरीद प्रक्रिाओं और भुगतान से जुड़े मामलों में भी तेजी आने की संभावना है। इससे शहर के बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं में सुधार की उम्मीद बंधी है। यह व्यवस्था राज्य की सभी नगरपालिकाओं, नगरपरिषदों और नगर निगमों पर लागू की गई है। जिससे नए बोर्ड गठन तक नगरीय प्रशासन में निरंतरता बनी रहेगी। नागौर में इसका सीधा असर विकास कार्यों की गति पर पडऩे की संभावना जताई जा रही है।