हिण्डौनसिटी. पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने से मौसम साफ रहने से क्षेत्र में सरसों की कटाई ने रफ्तार पकड़ ली है। इससे कृषि मंडी में नई सरसों की आवक लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष की तुलना में गीली सरसों के बेहतर भाव मिलने से किसानों के चेहरों पर चमक दिख रही है। इस बार शुरुआती दौर में ही सरसों के एक हजार से 1500 रुपए प्रति क्विंटल भाव ऊंचे हैं।
कृषि उपज मंडी के व्यापारियों के अनुसार करीब 10 दिन पहले 75-100 कट्टा नई सरसों की चल रही आवक शुक्रवार को 800 कट्टा रही। जो शनिवार को एक हजार के आंकड़े के पार कर गई। व्यापारियों का अनुमान है कि तापमान मेंं बढ़ोतरी और मौसम के खुले रहने से सोमवार तक यह संख्या 5 से 6 हजार कट्टों तक पहुंच सकती है। सीजन के चरम पर आवक 35 से 40 हजार कट्टों तक पहुंचने की संभावना है। नई सरसों आने से मंडी यार्ड में नीलामी का दौर फिर से शुरू हो गया है। हालांकि गीलापन होने के कारण ऑयल लैब टेस्टिंग अभी नहीं हो रही है। कृषि विभाग के सहायक निदेशक सियाराम मीणा ने बताया कि इस वर्ष जिले में 91 हजार 180 हैक्टेयर क्षेत्र में सरसों की बुवाई हुई है, जिससे करीब 1,90,000 मीट्रिक टन उपज होने का अनुमान है।
आमदनी में इजाफा
किसानों के लिए यह सीजन राहत लेकर आया है। बेहतर भाव मिलने से उनकी आमदनी में इजाफा होगा। ढहरा गांव निवासी किसान लक्ष्मण जाट व जगदीश जाट ने बतायाकि पिछले साल की तुलना में इस बार शुरुआती दौर में ही सरसों के भाव ऊंचे रहने से किसानों में उत्साह है। मंडी में शनिवार को नई सरसों के भाव 5500 से 6300 रुपए प्रति क्विंटल रहे। जबकि पुरानी सरसों लैब ऑयल टेस्टिंग पर 6816 रुपए प्रति क्विंटल बिकी।
टॉपिक एक्सपर्ट
कृषि विभाग के सेवानिवृत संयुक्त निदेशक वी.डी. शर्मा ने बताया कि सरसों की फसल के लिए मौसम का मिजाज कमोबेश अनुकूल रहा है। बुवाई से लेकर कटाई की शुरू आत होने से रबी फसलों में जिले में मौसम जन्य बड़ा नुकसान नहीं है। इस बार पाल के प्रकोप से राहत रही। अनुकूल तापमान और समय पर मावठ से फसलों को संबल मिला है। रोगों का प्रकोप नहीं होने से फसलें स्वस्थ रहीं है।अच्छी उपज की उम्मीद है।
इनका कहना है
मंडी में नई सरसों की आवक बढऩे से कारोबारी काम काज में धीरे-धीरे इजाफा हो रहा है। इस बार क्षेत्र में सरसों की उपज अच्छी है, सीजन में आवक के बम्पर रहने की उम्मीद है।
सौरभ बंसल, महामंत्री
कृषि उपज मंडी व्यापार मंडल, हिण्डौनसिटी।