बांसवाड़ा। तेजी से विकसित हो रहे शहर में यातायात दबाव बढ़ने से अब रिंग रोड की जरूरत महसूस की जाने लगी है। शहर के भीतर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से शहर के चारों तरफ 20 किलोमीटर का रिंग रोड बनाने को लेकर तैयारी की जा रही है। रिंग रोड के बनने से न सिर्फ औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी, बल्कि शहरी क्षेत्र में भारी यातायात का दवाब भी कम होगा।
उल्लेखनीय है कि वर्तमान में मध्यप्रदेश, गुजरात, उदयपुर, जयपुर सहित डूंगरपुर से आने वाला यातायात शहर के अंदर सर्किल पर टकराता है। शहर से होकर गुजरने वाला यह यातायात एक हाईवे से दूसरे हाईवे की ओर निकलता है। इससे शाम के समय जाम के हालात बनते हैं।
एक करोड़ रुपए से बनेगी डीपीआर
राज्य सरकार ने दिसंबर 2025 में बांसवाड़ा सहित टोंक, जालोर, जैसलमेर, झालावाड़ आदि शहरों में रिंग रोड के लिए डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। अब बांसवाड़ा में डीपीआर के टेंडर कर दिए हैं। डीपीआर कंसलटेंट की ओर से रिंग रोड का सर्वे कर एक पूरा प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसमें दूसरे राज्य व शहरों से आने वाले वाहनों को बाहर निकालने के लिए कौनसा नया सड़क मार्ग बनाया जाए। इसका चिह्निकरण होगा।
रिंग रोड के लिए यहां तलाशी जा रही संभावनाएं
सार्वजनिक निर्माण विभाग ने फिलहाल रिंग रोड के सर्वे के लिए डीपीआर के टेंडर किए हैं। लेकिन विभागीय संभावनाओं के अनुसार जयपुर हाईवे पर तेजपुर से होकर उदयपुर हाईवे पर लियो सर्किल होते हुए डूंगरपुर हाईवे पर कुपडा, दाहोद हाईवे पर ठीकरिया को जोड़ते हुए इसे रतलाम हाईवे पर कुंडला क्षेत्र में निकाला जा सकता है। वहीं दूसरी संभावना तेजपुर से चाचा कोटा होते हुए कुंडला क्षेत्र में भी रिंग रोड निकालने की संभावनाएं जताई जा रही है।
इनका कहना है….
रिंग रोड बनाने को लेकर डीपीआर को स्वीकृति मिली है। डीपीआर कंसलटेंट सर्वे कर एक प्रस्ताव तैयार करेंगे। इसके बाद यह प्रस्ताव आगे भेजा जाएगा।
वीरेंद्र शाह, एक्सईएन सिटी, सार्वजनिक निर्माण विभाग, बांसवाड़ा