Rajasthan Road Accident Due To Fog: राजस्थान सहित उत्तर भारत के कई राज्यों में सर्दी के साथ घने कोहरे ने दस्तक दे दी है। हर साल की तरह इस बार भी कोहरा धीरे-धीरे जानलेवा साबित हो रहा है।
नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर पिछले एक सप्ताह में कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें 15 से अधिक की जान गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। इसके बावजूद केंद्र और राज्य सरकारें महज एडवाइजरी जारी कर अपने दायित्व की औपचारिकता पूरी करती नजर आ रही है।
मौसम विभाग समय रहते कोहरे का पूर्वानुमान जारी करता है, लेकिन दुर्घटनाएं रोकने के लिए जमीनी स्तर पर ठोस कदमों की कमी साफ दिखाई दे रही है। नतीजा यह है कि हर साल कोहरे के मौसम में सड़क हादसों का सिलसिला थम नहीं पा रहा। पिछले सात दिनों में घने कोहरे के कारण छह से अधिक हादसों में 15 की मौत, वहीं 90 से अधिक घायल हो गए।
विदेशों में घने कोहरे के दौरान ऐसे बरती जाती है सख्ती
फोटो: पत्रिका
UK:- यूके में गश्ती वाहन यातायात प्रवाह को नियंत्रित करते हैं तथा कोहरे वाले क्षेत्रों में ओवरटेकिंग पर सख्त रोक लगाई जाती है।
Canada:- कनाडा में पुलिस कोहरे की चेतावनी जारी करने के साथ-साथ अस्थायी गति प्रतिबंध लागू करती है।
America:- अमरीका में कोहरे के अनुकूल हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स का उपयोग अनिवार्य है, साथ ही कम गति सीमा की सख्ती।
California:- कैलिफोर्निया और टेनेसी जैसे राज्यों में इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड और गश्ती अलर्ट के माध्यम से कोहरे की चेतावनी। चालक प्रशिक्षण में कोहरे के दौरान सुरक्षित ब्रेकिंग और आगे चल रहे वाहन से उचित दूरी बनाए रखने की जानकारी दी जाती है।
ऐसे में कैसे रुकें हादसे ?
नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर शाम होते ही भारी वाहन अवैध ढाबों के पास मुख्य सड़क पर ही खड़े हो जाते हैं। घने कोहरे में ये वाहन दिखाई नहीं देते, जिससे तेज रफ्तार वाहन उनसे टकरा जाते हैं। हाईवे पेट्रोलिंग की मौजूदगी भी अक्सर न के बराबर रहती है।
एडवाइजरी जारी, लेकिन कार्रवाई नदारद
कोहरे से बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए एनएचएआइ ने हाल ही में एडवाइजरी जारी की है। इसमें वाहन चालकों को कोहरे के दौरान 30 किमी प्रति घंटे से अधिक गति न रखने, सड़क संकेतों को स्पष्ट करने, क्रैश बैरियर पर रिफ्लेक्टिव मार्कर और पीले स्टिकर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही, चेतावनी के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक बिलबोर्ड, रेडियो और सोशल मीडिया के उपयोग की बात कही गई है। एनएचएआइ ने घने कोहरे वाले क्षेत्रों में रात्रि निरीक्षण और हाईवे पेट्रोलिंग बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं, लेकिन इनका प्रभाव जमीनी स्तर पर कम नजर आता है।
चालकों की जिम्मेदारी
वाहन चालकों को तय सीमा से कम गति रखनी चाहिए और फॉग लाइट या पीली लाइट का सही उपयोग करना चाहिए। गाड़ी चलाते समय सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अचानक ब्रेक लगाने से बचने पर कई दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
अलवर में दो वाहन भिड़े, 3 जिंदा जले
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दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार देर रात किसी अज्ञात वाहन से टकराने के बाद एक पिकअप गाड़ी में आग लग गई। पिकअप में सवार तीन युवक जिंदा जल गए। यह हादसा रैणी क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर चैनल नंबर 131/5 के पास हुआ।
पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान मोहित शर्मा, निवासी बहादुरगढ़ (हरियाणा), दीपेंद्र, निवासी सागर (मध्यप्रदेश) और पदम, निवासी सागर (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। हादसे में घायल चालक की पहचान हन्नी, निवासी झज्जर (हरियाणा) के रूप में हुई है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में जयपुर रेफर कर दिया गया। पुलिस ने घटना स्थल की जांच की तो एक्सप्रेस-वे पर लगे 11 में से 8 सीसीटीवी कैमरे बंद मिले।