जयपुर। सेंट्रल जेल से दो बंदियों के भाग जाने की घटना को लेकर राज्य सरकार ने सख्ती दिखाई है। रविवार को सरकार ने जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह को एपीओ कर दिया। अब तक का चार्ज डीआईजी जेल, सुमन मालीवाल को सौंपा गया है। गृह विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। जेल महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि की।
गौरतलब है कि शुक्रवार देर रात जयपुर जेल के वार्ड नंबर 13 की बैरक नंबर 3 में बंद अनस उर्फ आदिल और नवल किशोर सुरक्षा में सेंध लगाकर भागने में सफल हो गए थे। दोनों बंदियों ने बाथरूम के रोशनदान में लगे लोहे की एंगल को तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया। जानकारी के अनुसार, दोनों रात करीब 2 बजकर 10 मिनट पर रोशनदान से बाहर निकले। इसके बाद लगभग डेढ़ घंटे तक वे जेल परिसर में घूमते रहे और बाहर निकलने का मौका तलाशते रहे।
पानी की पाइप के सहारे दीवार फांदे थे बंदी
करीब 3 बजकर 40 मिनट पर दोनों मुलाकात कक्ष की छत तक पहुंचे और मुख्य प्रवेश द्वार के पास बनी ऊंची दीवार फांदकर जेल से फरार हो गए। इस दौरान जेल की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त होती नजर आई। गार्डों और कर्मचारियों को उनकी गतिविधियों की भनक तक नहीं लगी।
दोनों भगोड़े बंदियों को पकड़ा गया
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। शनिवार को पुलिस ने एक बंदी को पकड़ लिया, जबकि दूसरे को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों को दोबारा जेल में भेज दिया गया है।
जेल की सुरक्षा पर खड़ा हुआ प्रश्न चिन्ह
हालांकि इस मामले ने जेल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी सख्त निगरानी और सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद बंदियों का करीब डेढ़ घंटे तक जेल में घूमना और फिर दीवार फांदकर भाग जाना सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है।
पूरे मामले की कराई जा रही जांच
जेल प्रशासन के उच्च अधिकारियों का कहना है कि पूरी घटना की जांच कराई जा रही है। जिन कर्मचारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी। वहीं, राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जेलों की सुरक्षा व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।