Nasirabaad News: अजमेर के नसीराबाद के पुरानी राजोसी निवासी भवानी सिंह रावत ने अपनी बड़ी बहन इंद्रा और अन्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रार्थी ने बहन पर घर से कीमती आभूषण और नकदी ले जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पति की मृत्यु के बाद मायके में रह रही थी महिला
रिपोर्ट के अनुसार इंद्रा का विवाह भवानीखेड़ा निवासी विकास सिंह से हुआ था, जिनका निधन अप्रैल 2024 में हो गया। इसके बाद इंद्रा करीब छह महीने तक ससुराल में रही और फिर पिछले डेढ़ साल से अपने भाई भवानी सिंह के साथ मायके में रह रही थी। इस दौरान वह घर का सारा लेन-देन और जिम्मेदारियां निभा रही थी क्योंकि प्रार्थी के माता-पिता का निधन पहले ही हो चुका था।
परिजनों ने धमकाकर घर से ले जाया, विवाह की साजिश का आरोप
15 सितंबर को दोपहर 1 बजे प्रार्थी की अन्य बहनें पांची (पत्नी सोहन, निवासी बुधपुरा), प्रेम (पत्नी विकास), प्रेम का पुत्र राहुल और कानस निवासी यशपाल सिंह रावत घर पहुंचे। आरोप है कि ये सब मिलकर इंद्रा को धमकाकर जबरन घर से ले गए और उसका दूसरा विवाह कराने की साजिश रच रहे हैं।
गहने और नकदी ले गई बहन
रिपोर्ट में बताया कि इंद्रा जाते समय लगभग डेढ़ तोला सोने के जेवर, 1 किलो से अधिक चांदी के गहने और 50,000 रुपए नकद लेकर गई। जबकि अपने 16 साल के बेटे और 14 साल की बेटी को पीछे छोड़ गई।
जमानत पर चल रहे आरोपी ने दी जान से मारने की धमकी
भवानी सिंह ने आरोप लगाया कि यशपाल सिंह (जो वकील मर्डर केस में जमानत पर है) ने जाते-जाते जान से मारने की धमकी भी दी।