जयपुर: हाल ही में हुई कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के बाद भी कमिश्नरेट में कांस्टेबल नफरी का टोटा रहेगा। नई भर्ती से जयपुर पुलिस को 674 कांस्टेबल और 30 चालक कांस्टेबल मिलेंगे। इसके बावजूद 2000 से अधिक कांस्टेबलों के पद रिक्त रहेंगे।
इससे कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा पर भी सीधा असर पड़ेगा। मौजूदा नफरी पर काम के बोझ का दबाव रहेगा। लेकिन अच्छी खबर है कि अब आगामी कांस्टेबल भर्ती में इन रिक्त पदों को भरा जा सकेगा।
कमिश्नरेट में कोर्ट स्टे होने के कारण पदोन्नति नहीं हो रही थी, लेकिन अब कोर्ट स्टे हटने से बड़ी संख्या में उपनिरीक्षक मिलेंगे। इसका असर प्रकरणों पर पड़ेगा। अनुसंधान अधिकारियों की अच्छी संख्या बढऩे से फाइलों का निस्तारण भी जल्द हो सकेगा। अभी कई अनुसंधान अधिकारियों के पास 100-150 से अधिक फाइलों का बोझ है।
कोर्ट से स्टे ले आए थे पुलिसकर्मी
कमिश्नरेट में एसआई, एएसआई और हेड कांस्टेबल के बड़ी संख्या में पद पदोन्नति से भरे जाने हैं। लेकिन विवाद होने पर वर्षों पहले कुछ पुलिसकर्मी कोर्ट में पहुंच गए और पदोन्नति पर स्टे ले लिया। इससे पद रिक्त ही चल रहे थे। हाल ही में पुलिस कमिश्नर ने बड़ी संख्या में रिक्त पदों को देखते हुए पुलिसकर्मियों से वार्ता की और कानूनी प्रक्रिया पूरी करवाई। इसके बाद न्यायालय ने पदोन्नति पर लगा कोर्ट स्टे हटा दिया।
कौन से पद कब से अटके
-वर्ष 2014-2015 के बाद कांस्टेबल से हेड कांस्टेबल पदों पर पदोन्नति नहीं हुई।
-वर्ष 2017-2018 के बाद हेड कांस्टेबल से एएसआई की नहीं हुई पदोन्नति।
-वर्ष 2018-2019 के बाद एएसआई से एसआई पद पर पदोन्नति नहीं हुई।
पदोन्नति से भरे जाएंगे पद
-265 पद उप निरीक्षक
-1430 पद एएसआई
-2038 पद हेड कांस्टेबल
-2046 पद कांस्टेबल (सीधी भर्ती)
न्यायालय ने जयपुर पुलिस आयुक्तालय में पदोन्नति पर लगे स्थगन आदेश को हटा दिया है। अब प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही रिक्त पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा।
-बीजू जॉर्ज जोसफ, पुलिस आयुक्त, जयपुर आयुक्तालय