दिन भर छाए रहे बादल, सर्द हवाओं ने कंपकंपाया

स्वर्णनगरी में रविवार का दिन सर्द हवाओं और धुंध के नाम रहा। दिन भर आकाश में धुंध छाई रहने से सूरज बहुत कम समय के लिए दिखाई दे पाया और उसके प्रकाश के फीकेपन से सर्दी का अहसास खासा गहरा गया। उस पर हवाओं का दौर चलने से इस सीजन में दूसरी बार कंपकंपी का अहसास हुआ। अवकाश का दिन होने के कारण अधिकांश नौकरीपेशा लोगों ने घरों में रहना ही मुनासिब समझा। हालांकि शहर में आए हुए हजारों सैलानियों ने सर्द हवाओं के बीच भ्रमण का लुत्फ उठाया। दिन भर चाट-पकौड़ी और चाय की दुकानों व थडिय़ों-ठेलों पर अच्छी ग्राहकी का जोर नजर आया। सर्दी का मेवा कहलाने वाले तिलपट्टी, गजक, खजूर, सिंकी हुई मूंगफली आदि की दुकानों व ठेलों पर भी ग्राहकी का मंजर छाया रहा। रविवार सुबह से आकाश में पूरी तरह से कोहरा छाया हुआ था, दिन चढऩे के बाद भी आकाश पूरी तरह से साफ नहीं हुआ। इसके बाद तेज हवाओं ने वातावरण में ठंडक को बढ़ावा दे दिया। हालांकि बीती रात में सर्दी गत दिनों की तुलना में कम महसूस की गई और न्यूनतम तापमान 9 डिग्री के स्तर को छू गया। दिन में धुंध के कारण दृश्यता का स्तर कम रहा। दोपहर में कुछ देर के लिए सूर्यदेव ने अवश्य दर्शन दिए लेकिन वे कभी बादलों की ओट में तो कभी बाहर निकले और उनके ताप में रोजाना वाली बात नहीं थी।

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