नागौर. घरेलू एवं कृषि कनेक्शनों के साथ ही अघरेलू कनेक्शनधारकों से बकाया वसूली का आंकड़ा तो 90 प्रतिशत पार पहुंच गया है, लेकिन सरकारी विभागों से वसूली में विभाग के तमाम प्रयास फेल रहे। यही वजह रही कि सरकारी विभागों पर बकाया राशि का आंकड़ा 2762.34 लाख तक जा पहुंचा है। डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विभागों से बकाया वसूली के लिए कई बार उनको स्मरण पत्र तक दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक वसूली की स्थिति औसत से भी कमतर रही है। जबकि निजी संस्थानों से अब तक इस वित्तीय सत्र में एक हजार करोड़ से ज्यादा की वसूली की जा चुकी है।
डिस्कॉम की ओर से बकाया वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। विभाग की ओर से घरेलू, अघरेलू, कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों से टीमें बनाकर वसूली की जा रही है। इसका परिणाम भी सामने आया है कि ज्यादातर संस्थानों से अब तक बकाया वसूली का औसत भी काफी अच्छा रहा है, मगर सरकारी विभागों में से वसूली का औसत 20 प्रतिशत भी नहीं रहा। कारण कि डिस्कॉम के अधिकारियों की माने तो सरकारी विभागो का रटा-रटाया जवाब होता है कि बजट आएगा तो फिर जमा कर दिया जाएगा। डिस्कॉम के अधिकारियों के अनुसार सरकारी विभागों से वसूली उनके लिए सिरदर्द बन चुकी है।
राजकीय कार्यालयों में डिस्कॉम के बकाए की स्थिति
सरकारी बकाएदार बकाया राशि
केन्द्रीय विभाग 52.69 लाख
जलदाय विभाग 918.34 लाख
सरपंच 220.77 लाख
रोड लाइट 1463.62 लाख
अन्य विभाग 106.92 लाख
स्थानीय निकायों पर सर्वाधिक बकाया
डिस्कॉम के अनुसार राजकीय कार्यालयों में सर्वाधिक बकाया स्थानीय निकायों पर रोड लाइट्स का है। जिले के स्थानीय स्थानीय निकायों पर कुल बकाए का आंकड़ा 1463.62 लाख तक तक पहुंच चुका है। बताते हैं कि गत दो से तीन सालों से स्थानीय निकायों की ओर बकाया वसूली जमा करने का सिलसिला लंबे समय से थमा हुआ है। बासनी नगरपालिका हो या फिर नागौर नगरपरिषद, जिले के सभी निकायों पर रोड लाइट्स के बकाए का आंकड़ा करोड़ों में पहुंच चुका है। इनसे वसूली के लिए विभाग की ओर से समकक्ष अधिकारियों की ओर से कई बार मुलाकात करने के साथ ही स्मरण पत्र भी दिए गए, लेकिन यहां पर भी घूमकर एक ही बात आती है कि बजट नहीं है। डिस्कॉम के अधिकारियों का कहना है कि सरकारी विभागों के इस रवैये के कारण बकाया आंकड़ा तो बढ़ता जा रहा है। स्थिति यही रही तो फिर रोड लाइट्स के कनेक्शन विच्छेद करने पड़ेंगे।
जलदाय विभाग भी कर रहा हीलाहवाली
डिस्कॉम के अनुसार यू तो ग्राम पंचायतों पर भी जेजेवाई का बकाया है। यह भी कई सालों से भुगतान नहीं कर रहे हैं। बकाया राशि के आंकड़ों में जिले में दूसरा नंबर जलदाय विभाग का है। विभाग का जलदाय विभाग पर 918.34 लाख का बकाया है। अधिकारी बताते हैं कि पिछले साल भी बकाया राशि मांगे जाने पर जवाब मिला था कि बजट आते ही जमा करा दिया जाएगा। इस वर्ष भी यानि की 2024 में भी यही जवाब मिल रहा है। बकाया की स्थिति यही रही तो फिर डिस्कॉम को अब कठोर कदम उठाना पड़ सकता है।
निजी कनेक्शनधारकों से वसूली ने संभाला विभाग का औसत
बकाएदार बकाया राशि वसूली औसत
घरेलू 192.14 175.77 91.48 प्रतिशत
अघरेलू 64.01 59.49 92.96 प्रतिशत
कृषि 637.68 622.26 97.58 प्रतिशत
औद्योगिक 177.41 172.70 97.35 प्रतिशत
एक हजार करोड़ से ज्यादा की वसूली
डिस्कॉम की ओर से निजी कनेक्शनधारकों में कृषि, घरेलू, औद्योगिक एवं अघरेलू से की गई वसूली ने विभाग का संतुलन बनाए रखा है। कुल वसूली 1030.22 करोड़ की रही है, जबकि बकाया का आंकड़ा महज 188.44 करोड़ का रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वसूली अभियान अभी जारी है। जल्द ही यह वसूली का आंकड़ा पूरे 100 प्रतिशत तक कर लिया जाएगा।
इनका कहना है…
विभाग की ओर से वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है। बकाया वसूली के संबंध में संबंधित अभियंताओं को दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। सरकारी विभागों को भी स्मरण पत्र दिए गए हैं। उम्मीद है कि इस वित्तीय सत्र के समापन के पहले ही सरकारी विभाग भी अपना बकाया जमा करा देंगे।
अशोक चौधरी, अधीक्षण अभियंता, अजमेर विद्युत वितरण निगम-नागौर