जयपुर। रविवार का दिन ट्रांसपोर्ट नगर के लिए एक अलग सुबह लेकर आया, जब जिला बालश्रम टास्क फोर्स ने ऑटोमोबाइल रिपेयर की 7 दुकानों पर अचानक छापा मारा। इस छापेमारी में 11 मासूम बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया, जिनकी उम्र महज 11 से 15 साल के बीच थी।
जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में श्रम विभाग, पुलिस और सामाजिक संगठनों ने मिलकर बच्चों को उनके कठिन हालात से बाहर निकाला।
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वरिष्ठ श्रम निरीक्षक श्रीमती अंकिता महर्षि ने बताया, “इन बच्चों को तुरंत परामर्श और अस्थाई संरक्षण के लिए गांधी नगर स्थित बाल कल्याण समिति को सौंपा गया। अब इनकी जिंदगी को एक नई दिशा देने का प्रयास किया जाएगा।”
कार्रवाई के दौरान बचपन बचाओ आंदोलन और प्रयास संस्था के प्रतिनिधियों ने भी अहम भूमिका निभाई। ट्रांसपोर्ट नगर थानाधिकारी श्री राजेश बाफना और पुलिस टीम की मुस्तैदी से यह ऑपरेशन सफल हुआ।
इस रेस्क्यू ऑपरेशन ने केवल बच्चों को उनके कठिन परिश्रम से मुक्त नहीं किया, बल्कि उनके भविष्य के सपनों को फिर से जगाया।
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