पांच किलोमीटर पैदल स्कूल जाने को विवश बचपन,हर साल क्रमोन्नत की आस

गुढ़ानाथावतान. बूंदीपंचायत समिति की गुढ़ानाथावतान पंचायत जिले की एक मात्र ऐसी पंचायत है जिसमें एक भी उच्च प्राथमिक स्तर का विद्यालय नहीं है। प्राथमिक शिक्षा के बाद अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए नन्हे बच्चों को 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत मुख्यालय के हायर सेकंडरी स्कूल में जाना पड़ता है।

पंचायत में वर्तमान में करीब 2 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत है,लेकिन गुढ़ा के अलावा एक भी गांव में मिडिल स्तर का विद्यालय नहीं है। पंचायत के गांवों में या तो कोई विद्यालय ही नहीं है और जिनमें है वहां भी मात्र पांचवीं कक्षा तक की शिक्षा की व्यवस्था है। पांचवीं कक्षा के बाद अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए नन्हे बच्चों को 5 किलोमीटर की दूरी तय कर गुढ़ानाथावतान जाना पड़ता है।

दूरी अधिक होने से कई विद्यार्थी नियमित विद्यालय नहीं जा पाते है तथा मजबूर होकर पढ़ाई छोड़ देते है। नीमतलाई, बिशनपुरा, खरुड़ का टपरा, पीली का खाना, माधु का टपरा, गटुना का टपरा आदि गांव-मजरों से कई विद्यार्थी तो कक्षा 5 के बाद 6-7 किलोमीटर दूर पैदल चलने को विद्यालय जाने को विवश हैं। नीमतलाई व बिशनपुरा गांवों की दूरी अधिक होने के बावजूद यहां के प्राथमिक विद्यालय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में क्रमोन्नत नहीं हुए है। हर साल ग्रामवासी दोनों विद्यालयों के क्रमोन्नत होने की उमीद लगाए रहते हैं,लेकिन अभी तक उन्हें निराशा ही हाथ लगी है।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम की नहीं हो रही पालना
शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 6 से 14 साल के बच्चों के लिए 1 व 2 किलोमीटर के दायरे में प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। अनिवार्य एवं बाल शिक्षा के कानून के लागू होने के डेढ़ दशक बाद भी गुढ़ानाथावतान पंचायत में बच्चों को उनका अधिकार नहीं मिल पाना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। दूसरी ओर कई गांव ऐसे है जहां एक ही पंचायत में कई स्कूल मिडिल स्तर के है जहां नाम मात्र का नामांकन है।

माडा योजना के गांव फिर भी नहीं मिला लाभ
ग्राम पंचायत का बिशनपुरा व नीमतलाई अनुसूचित जनजाति जनसंया बाहुल्य वाले गांव है और यहां कक्षा 1 से 8 में अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों की संख्या भी 200-200 से अधिक है,लेकिन केवल प्राथमिक स्तर के विद्यालय है। पीली का खाना, खरुड़ का टपरा व शाहपुरा गांवों में तो प्राथमिक विद्यालय भी नहीं है।

क्या कहते हैं अधिकारी
यह सही है कि गुढ़ानाथावतान पंचायत में उच्च प्राथमिक स्तर का कोई विद्यालय नहीं होने से बच्चों को कक्षा 5 के बाद पढ़ने के लिए पंचायत मुयालय पर आना पड़ता है। पूर्व में भी प्रस्ताव भेजे थे और जब विद्यालयों को ₹मोन्नति के प्रस्ताव मांगेंगे तब बिशनपुरा व नीमतलाई के विद्यालयों को मिडिल क्रमोन्नत करवाने के प्रस्ताव फिर भेजेंगे।
युवराज सिंह, मुख्य ब्लॉक शिक्षा

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