पतरे लगाकर शुरू करवाई पैदल और दुपहिया वाहनों से आवाजाही

जैसलमेर के ऐतिहासिक सोनार दुर्ग के शिव मार्ग क्षेत्र की पूर्व में क्षतिग्रस्त दीवार से बड़े-बड़े पत्थरों के मंगलवार को गिर जाने के बाद बंद करवाए मार्ग को पैदल और दुपहिया वाहन चालकों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। पुलिस ने एक बार फिर यहां पतरे लगाकर मार्ग को संकरा कर दिया है, जिससे तिपहिया व चार पहिया वाहनों को गोपा चौक की तरफ जाने के लिए अब रिंग रोड से होते हुए पहुंचना पड़ रहा है। बुधवार को इस क्षेत्र की दुकानें व अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठान सामान्य दिनों की भांति खुल गए। हालांकि मार्ग के संकरा होने से उनके व्यापार पर असर पडऩे से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि मंगलवार दोपहर के समय शिव मार्ग से संबंधित दुर्ग के बुर्ज से सटी दीवार के 4 पत्थर ब्लॉक्स धड़ाम से सडक़ पर आ गिरे थे। गनीमत यह रही कि इन पत्थरों की चपेट में कोई इंसान या पशुधन नहीं आया। गत 6 अगस्त को बारिश के मौसम में सोनार दुर्ग के शिव मार्ग क्षेत्र में आए इस हिस्से के बुर्ज से सटी दीवार का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया था। उसके बाद से इस दीवार का पुनर्निर्माण करवाना तो दूर, खतरनाक अवस्था में पहुंचे पत्थरों को उतरवाने तक का काम नहीं हो पाया है। सोनार दुर्ग संबंधी निर्माण व मरम्मत कार्य केंद्र सरकार का पुरातत्व एवं सर्वेक्षण विभाग ही करवा सकता है और वह साढ़े तीन माह से अधिक पुराने मामले में सकारात्मक कदम नहीं उठा सका है।

अभी भी भय का माहौल

सोनार दुर्ग की प्राचीर के क्षतिग्रस्त होने की वजह से बड़े-बड़े पत्थरों के अचानक गिरने की घटनाओं से आसपास रहने वाले और व्यापार करने वाले लोग भयभीत हैं। इसी तरह से इस प्रमुख मार्ग से आवाजाही करने वाले भी अज्ञात भय की आशंका से ग्रस्त रहते हैं। बुधवार को भी अनेक लोग इस क्षेत्र में एक दिन पहले गिरे पत्थरों के बाद के हालात देखने पहुंचे। पतरे लगाए जाने से आवाजाही का मार्ग काफी संकरा हो गया है। हालांकि चार पहिया व तिपहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने से फिलहाल थोड़ी राहत है।

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