यादवेन्द्र सिंह राठौड़
सीकर. शिक्षानगरी सीकर में नशे की विषबेल छात्रों को चपेट में ले रही है। शहर में स्मैक, अफीम, गांजा और अन्य तरह के ड्रग्स की खपत बढ़ रही है। कॅरियर बनाने आए युवा नशे के चंगुल में फंसकर जीवन बर्बाद कर रहे हैं। नशा कारोबारियों का जाल शहर की गलियों तक पहुंच चुका है। नशा माफिया युवाओं को जाल में फंसाने के लिए होम डिलेवरी कर रहे हैं। नशे के खेल की जड़ तक पहुंचने के लिए पत्रिका टीम नशेडिय़ों के जरिए इनके ठिकानों तक पहुंची। बातचीत में खुलासा हुआ कि शहर में कई ठिकाने ऐसे हैं जहां युवाओं को स्मैक इंजेक्शन दिया जा रहा है। पुलिस सब कुछ पता होने के बाद भी कार्रवाई नहीं करती है।