समर्थन मूल्य पर मूंग खरीद के लिए अब सौ-सौ किसानों को बुलाया जाएगा…VIDEO

नागौर. समर्थन मूल्य पर मूंग खरीद का दायरा और बढ़ेगा। अब तक खरीद केन्द्रों में रोजाना बुलाए जा रहे 70-80 किसानों की जगह अब 100 किसान प्रतिदिन बुलाए जाएंगे। क्रय विक्रय सहकारी समिति के अधिकारियों का कहना है कि अब सर्दी बढ़ती जा रही है। ऐसे में काश्तकारों की सुविधा का ध्यान रखते हुए अधिकाधिक रूप से समर्थन मूल्य पर मूंग खरीद कराई जाएगी। ताकि इससे किसानों को राहत मिल सके। किसानों की दिलचस्पी खुली मंडी में मूंग बेचने की जगह समर्थन मूल्य पर बेचान करने के प्रति बढ़ी है। कारण कि खुली मंडी के भाव समर्थन मूल्य से कम चल रहे हैं।
जिले में समर्थन मूल्य पर हो रही मूंग खरीद के बड़े केन्द्रों में शामिल नागौर एवं जायल में अब तक कुल मिलाकर महज 1568 किसानों से ही अब मूंग खरीदी गई है। जबकि इससे दोगुना की संख्या में किसान अभी भी प्रतीक्षा सूची की कतार में हैं। खरीद भी अब तक जायल में 36359 बैग एवं नागौर में 33909 बैग ही हो पाई है। जबकि किसान जल्द से जल्द अपनी मूंग का बेचान करना चाहते हैं। कारण कि अब रबी उपज की बुआई भी चल रही है। ऐसे में किसानों का मानना है कि मूंग बेचान हो जाए तो फिर आराम से वह ख्ेाती में बुआई के साथ ही फसल उत्पादन के काम जुट सकें। कृषि उपज मंडी में मिले किसान दयाराम, प्रभुलाल आदि से बातचीत हुई तो बताया कि वह मूंग का बेचान तो जल्द करना चाहते हैं, लेकिन खुली मंडी में मूंग के अधिकतम दाम इस साल काफी कम रहे हैं, और समर्थन मूल्य दर की स्थिति अच्छी है। अब पंजीकरण तो चुका है,लेकिन खुली मंडी में मूंग की दर बेहतर मिलती तो वह अब तक बेचान कर चुके होते। इसलिए क्रय विक्रय सहकारी समिति के अधिकारियों को अधिकाधिक किसानों से खरीद का काम जल्द ही पूरा करना चाहिए। इस संबंध में क्रय विक्रय सहकारी समिति के अधिकारियों का मानना है कि किसानों की समस्या को ध्यान में रखते हुए सोमवार से अब बड़े केन्द्रों में 100-100 किसानों को बुलाने का फैसला किया गया है। इसके लिए बारदाना एवं तोलाई करने की सारी व्यवस्थाएं की जा चुकी है। इसके बाद भी स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं आया तो फिर यह संख्या और भी बढ़ाई जा सकती है।
इनका कहना है…
किसानों की अधिकाधिक मूंग समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए संख्या बढ़ाई जा रही है। अब सोमवार से 100-100 किसानों को बुलाया जाएगा। ताकि मूंग के बेचान के साथ ही किसान अपने अगले फसल की तैयारियों में जुट सकें।
गंगाराम गोदारा, उपजिला रजिस्ट्रार सहकारी समितियां नागौर

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