पर्यटकों की पसंद में शुमार स्वर्ण नगरी के प्रवेश द्वार माने जाने वाले परमाणु नगरी पोकरण में इस वर्ष विदेशी पर्यटकों की भी आवक हो रही है। हालांकि बंपर आवक अभी तक नहीं देखी जा रही है, लेकिन प्रतिदिन पहुंच रहे इक्के-दुक्के दल से चहल पहल अवश्य हो गई है। गौरतलब है कि स्वर्णनगरी जैसलमेर के भ्रमण के लिए प्रतिवर्ष लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। जोधपुर व बीकानेर की तरफ से सडक़ मार्ग से 90 प्रतिशत पर्यटक जैसलमेर आते हैं। जैसलमेर से बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11 व जोधपुर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 से जुड़ा हुआ है। ये दोनों राजमार्ग पोकरण होकर ही जाते हैं। ऐसे में पर्यटक कुछ देर पोकरण रुकते हैं। हालांकि अधिकांश पर्यटकों को पोकरण के इतिहास और ऐतिहासिक, धार्मिक व सामरिक महत्व की जानकारी नहीं होने के कारण वे सीधे ही जैसलमेर निकल जाते हैं, लेकिन सैकड़ों पर्यटक पोकरण रुककर यहां के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करते है। ऐसे में यहां भी वर्षभर चहल पहल व रोनक नजर आती है। इसके साथ ही देशी पर्यटकों, विशेष रूप से गुजरात व पश्चिमी बंगाल से हजारों पर्यटक यहां आते हैं। ये पर्यटक रामदेवरा में बाबा रामदेव की समाधि के दर्शनों के साथ पोकरण का भ्रमण करते हैं। इसके बाद जैसलमेर व सम घूमने के लिए जाते है।
विदेशी पर्यटक भी पहुंच रहे पोकरण
जैसलमेर में तो विदेशी पर्यटकों की आवक होती रहती है। बीते कोरोना काल के बाद पोकरण में विदेशी पर्यटकों की आवक कम हो गई थी, लेकिन इस वर्ष बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी यहां पहुंच रहे हैं। बीते कुछ महीनों से कस्बे में विदेशी पर्यटकों के ग्रुप देखे जा रहे हैं। ये पर्यटक कस्बे में फोर्ट, तालाबों के साथ ही गली मोहल्लों में स्थित कलात्मक हवेलियों का भी भ्रमण कर रहे हैं। जिससे रौनक देखी जा रही है। रविवार को भी विदेशी पर्यटकों का ग्रुप पोकरण पहुंचा। ग्रुप ने फोर्ट भ्रमण के साथ चौराहे व बाजारों का भ्रमण किया और बाजार से सामान भी खरीदे। जिससे यहां चहल पहल देखी गई।