राजस्थान उपचुनाव में यहां 1 लाख वोटों से हुई कांग्रेस प्रत्याशी की हार, परिणाम ने सबको चौंकाया

नागौर। राजस्थान में 7 सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे आ गए हैं। बीजेपी का प्रदर्शन दमदार रहा है। बीजेपी ने 7 में से 5 सीटों पर जीत दर्ज की है। कांग्रेस और भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP) को 1-1 सीट मिली। उपचुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। कांग्रेस वो भी हार गई, जो उपचुनाव से पहले उनके कब्जे में थी। अलवर जिले की रामगढ़ सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार आर्यन खान हार गए, झुंझुनू में कांग्रेस नेता बृजेंद्र ओला अपनी सीट नहीं बचा पाए।

उपचुनाव में एक सीट ऐसी भी है जहां कांग्रेस उम्मीदवार 1 लाख से अधिक वोटों से हार गई। हम बात कर रहे हैं नागौर जिले की खींवसर विधानसभा सीट की। यहां कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. रतन चौधरी को मात्र 5454 वोट मिले, जबकि विजयी प्रत्याशी को 108628 वोट मिले। दोनों प्रत्याशियों के वोटों का अंतर 1 लाख से ज्यादा यानी 103174 है। इस सीट से दूसरे स्थान पर आरएलपी की उम्मीदवार कनिका बेनीवाल रही जिन्हें 94727 मत प्राप्त हुए।

गढ़ बचाने में नाकामयाब रहा बेनीवाल परिवार

उल्लेखनीय है कि नागौर की खींवसर विधानसभा सीट पर बेनीवाल परिवार 2008 से जीतता आ रहा है। नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल 2008 से 2018 तक यहां से विधायक चुने गए। 2019 में हनुमान बेनीवाल के छोटे भाई नारायण बेनीवाल ने यहां से चुनाव जीता। 2023 के विधानसभा चुनाव में हनुमान बेनीवाल ने एक बार फिर यहां से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। 2024 के उपचुनाव में नागौर सांसद की पत्नी कनिका बेनीवाल चुनावी मैदान में थीं। एक ओर जहां बेनीवाल को अपनी गढ़ बचाने की चुनौती थी तो वहीं दूसरी ओर भाजपा इस किले को भेदकर नया रिकॉर्ड कायम करना चाहती थी। इस कश्मकश लड़ाई में आखिरकार भाजपा ने जीत हासिल की।

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