जयपुर। घुटने और कूल्हे की समस्याओं के लिए बेहतर उपचार विकल्प तलाश रहे मरीजों के लिए अच्छी खबर है। राजस्थान के सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में घुटना प्रत्यारोपण के ऑपरेशन में नई तकनीक की शुरुआत हुई है। अब डॉक्टर घुटनों और कूल्हों के जोड़ प्रत्यारोपण ऑपरेशन में कंप्यूटर नेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल कर सकेंगे। इस तकनीक के आने से मरीजों के ऑपरेशन के दौरान चीरा भी सामान्य से छोटा लगाना पड़ेगा। इससे न केवल खून की कमी होगी बल्कि टेढ़े-मेढ़े पैरों को सीधा करने की सटीकता का भी सही से आंकलन किया जा सकेगा।
इस तकनीक से जोड़ प्रत्यारोपण में सटीकता, पैर का सही अलाइन्मेंट संभव
एसएमएस अस्पताल में ऑर्थोपेडिक विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं एचओडी डॉ. आरसी बंसीवाल ने बताया कि यह तकनीक उन मरीजों के ऑपरेशन के दौरान सबसे ज्यादा फायदेमंद है, जिन्हें घुटनों या कूल्हों के जोड़ बदलने होते हैं। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से जोड़ प्रत्यारोपण में सटीकता, पैर का सही अलाइन्मेंट, तथा त्रुटि रहित जोड़ लंबे समय तक टिके रहने में सहायता मिलती है।
डॉ बंसीवाल ने आगे बताया कि कंप्यूटर नेविगेशन से जॉइंट रिप्लेसमेंट करने से मरीज को कम चीरा लगाना पड़ता है और रक्तस्राव भी कम होता है। मरीज का पैर बिल्कुल सीधा हो जाता है। ऑपरेशन के दिन शाम से ही मरीज चलने लगता है। कुछ ही दिनों में मरीज अपनी दिनचर्या पहले की तरह करने लगता है।
मरीजों को मिल सकेगा लाभ
उल्लेखनीय है कि राजस्थान सहित देशभर में लाखों ऐसे मरीज हैं, जो घुटने संबंधी समस्या के बाद चलने-फिरने से असमर्थ या परेशानियों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में एसएमएस अस्पताल में शुरू की गई इस नई तकनीक से ऐसे मरीजों को फायदा मिल सकेगा।
यह भी पढ़ें : SMS अस्पताल में हर दिन 25 से 30 रोगियों में मिलता है मुंह और गले का कैंसर