GST: केंद्रीय वित्त मंत्रालय जल्द ही केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के अंतर्गत नया इनवॉइस मैनेजमेंट सिस्टम लाने जा रहा है, जिसके अंतर्गत व्यापारियों को रिटर्न भरने से निजात मिलेगी। सिस्टम इनवॉइस को चैक करके स्वयं ही रिटर्न भर देगा। यह जानकारी सेंट्रल जीएसटी के चीफ कमिश्नर महेंद्र रंगा ने पत्रकारों को दी।
वर्तमान में व्यापारियों को मासिक अथवा त्रैमासिक रिटर्न दाखिल करने पड़ते हैं। चूक जाने पर जुर्माना लगता है। रंगा ने कहा कि जीएसटी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर भी काम कर रहा है। जल्द ही इसमें और भी नवाचार देखने को मिलेंगे।
अस्पताल पर 37 करोड़, एम्स पर 100 करोड़ जीएसटी बकाया
पत्रकारों द्वारा जोधपुर के बासनी स्थित एक निजी अस्पताल में करोड़ों की टैक्स चोरी को लेकर सवाल पूछने पर रंगा अनभिज्ञ नजर आए। उन्होंने जोधपुर कमिश्नर से इस बारे में जानकारी लेकर बताया कि विभाग की ओर से कार्रवाई की गई है। अस्पताल से कुछ दस्तावेज मांगे गए हैं।
इसमें सीजीएसटी और एसजीएसटी की एंट्री व दवाओं पर इनपुट जैसे तथ्यों को खंगाला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार विभाग ने अस्पताल पर करीब 37 करोड़ का जीएसटी बकाया निकाला है। उधर एम्स जोधपुर को 100 करोड़ रुपए के जीएसटी बकाया को नोटिस दिए हुए पांच महीने से अधिक हो गए। इसके बारे में पूछने पर रंगा ने कहा कि उसकी भी जांच की जा रही है।
जीएसटी के बाद प्रदेश का टैक्स 14 प्रतिशत बढ़ा
रंगा ने कहा कि जीएसटी सिस्टम लागू होने से पहले राजस्थान का वार्षिक कर संग्रहण 7 प्रतिशत था। जीएसटी लागू होने के बाद यह 14 प्रतिशत तक पहुंच गया है। प्रदेश में कर चोरी रुकी है। जोधपुर जोन में सीमेंट की यूनिट्स से अधिक जीएसटी आता है।
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