भारत के उप राष्ट्रपति ने बच्चों को दिए तीन गुरुमंत्र, आप भी अपने बच्चों को बताएं

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने छात्र-छात्राओं को आगे बढ़ने के तीन गुरुमंत्र दिए। उन्होंने कहा कि हार से मत डरो, माता-पिता व गुरुओं का सम्मान करो तथा मोबाइल कम देखो। उप राष्ट्रपति के तीनों ही गुरुमंत्र हर बच्चे के लिए जरूरी हैं। तीनों मंत्रों से सफलता मिलने में आसानी होगी। राजस्थान के झुंझुनूं जिले के काजड़ा गांव के पीएम श्री नवोदय विद्यालय में छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए धनखड़ ने कहा कि शिक्षा समाज में बदलाव और समानता स्थापित करने का सबसे बड़ा केंद्र है। आप डॉक्टर, इंजीनियर, बड़े अफसर बनें, लेकिन सबसे जरूरी है आप देश के श्रेष्ठ नागरिक बनें। राष्ट्रवाद हमारा धर्म होना चाहिए। इसे सर्वोपरि रखना है। उन्होंने बच्चों को दिल्ली बुलाने का निमंत्रण देते हुए कहा कि आप वहां मेरे मेहमान रहोगे।

हार से मत डरो

उप राष्ट्रपति ने कहा कि हार से डरो मत। डर का डर आपको कुंठित कर देगा। अपनी गलतियों को सुधारो। फिर से तैयारी करो। सफलता जरूर मिलेगी। मुझे डर लगता था अगर पहले नम्बर पर नहीं आया तो क्या होगा। प्रथम आने की होड़ एक हद तक ही ठीक है, इससे आगे नही। हर व्यक्ति की अपनी अलग क्षमता होती है। कोई संगीत में आगे रहता है तो कोई कला में।

माता-पिता व गुरु का सम्मान करो

उन्होंने कहा, आपकी उम्र में संस्कारी बनना आवश्यक है। माता-पिता का सम्मान करना, गुरुजनों को प्रणाम करना, आपसी भाईचारे को बढ़ाना और अनुशासन दिखाना आपके जीवन के अभिन्न हिस्से होने चाहिए। मानव निर्माण के लिए श्रेष्ठ आदतों का संचार आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। माता-पिता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना। अपने दादा-दादी, नाना नारी के नाम एक पौध जरूर लगाएं।

मोबाइल कम देखो

मोबाइल के बढ़ते दुरुपयोग को रोकने पर जोर देते हुए कहा कि स्क्रीन टाइम को घटाना होगा। आप खेल के मैदान में भी अच्छा कर देश को आगे बढ़ाने में योगदान दे सकते हो। पहले वाली कहावत बदल गई, अब खेलकूद कर खराब नहीं बल्कि नवाब बन सकते हो।

Leave a Comment