नागौर में सर्दी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया। कई हिस्सों में सर्दी अभी से तेज हो गई। ऐसे में अनुमान के तौर पर इस बार गलन अधिक रहेंगी। सर्दी बढऩे के साथ ही गर्म कपड़ों के बाजार सज गए। रविवार सुबह कोहरा छाने के बाद आई तापमान में गिरावट से एकाएक सर्दी बढ़ गई। लोगों ने गर्म कपड़े पहनना शुरू कर दिए। शहर और कस्बों में विभिन्न स्थानों पर सजे गर्म कपड़ों के बाजारों में चहल -पहल बढ़ गई।
लोग ऊनी कपड़ों व जैकेट के मोल भाव कराते नजर आने लगे। बाजार में गर्म शर्ट, पैंट, प्लाजो, लेडीज सूट, कुर्ती, शॉल, स्वेटर सहित कई वैरायटी के गर्म कपड़ों की दुकानों पर खरीदार पहुंचने लग गए। हाफ, फुल, चैन और बटन वाली जैकेट बाजार में उपलब्ध हो गए। तिब्बतियों ने भी दुकानें सजा ली। इनका गर्म कपड़ों का अलग से पूरा बाजार बस गया। शहर के माल्स में भी गर्म कपड़े सज गए। युवाओं में लेदर जैकेट की मांग ज्यादा बताई।
रजाई-गद्दे की भराई में आई तेजी
सर्दी बढऩे के साथ ही शहर के काजियों का चौक में रजाई गद्दे भराई का काम भी तेज हो गया। लोग ऑर्डर देकर रजाई-गद्दा बनवा रहे। दुकानदारों के अनुसार एक रजाई में कम से कम पांच किलो रुई लग रही। तभी यहां सर्दी से बच सकेंगे।
कंबलों का बाजार भी गर्म
बाजार रजाई, गद्दों के साथ कंबलों की भी डिमांड बढ गई। कंबल एक हजार से लेकर पांच हजार तक की रेंज में उपलब्ध हो रहे। दुकानों पर कंबलों की खासी बिक्री हो रही। सड़क किनारे कंबलों के बंडल सजाकर बेचने वाले दुकानदार भी आ गए।