बस की टक्कर से कॉलेज जा रहे बाइक सवार चार दोस्तों की मौत

उत्तरप्रदेश के थाना मगोर्रा क्षेत्र के अंतर्गत जाजन पट्टी-मथुरा मार्ग पर मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे में चार दोस्तों की मौत हो गई। चारों बाइक से कॉलेज जा रहे थे। चारों की दोस्ती इतनी गहरी थी कि एडमिशन भी साथ लिया और हर दिन साथ ही कॉलेज जाते थे। अगर एक दोस्त कॉलेज नहीं जाता तो अन्य तीनों भी नहीं जाते थे। हादसा उस वक्त हुआ जब बाइक सवार दोस्त सामने से तेज गति में आ रही निजी बस से बचने के चक्कर उससे बाइक टकरा गई। तीन दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चौथे दोस्त की इलाज को भरतपुर ले जाते समय मौत हो गई।
मृतकों में भरतपुर के बयाना निवासी रितेश गुर्जर (22) पुत्र सुरेश, बयाना के शेरगढ़ निवासी मुकुल (23) पुत्र विनोद, भरतपुर के अजान निवासी चेतन चौधरी (23) पुत्र राजकुमार व बयाना के पठान पाड़ा रामकेश गुर्जर (23) पुत्र होलू गुर्जर शामिल हैं। चारों दोस्त मंगलवार सुबह करीब 11 बजे मुडेसी स्थित किशन प्यारी शुक्ला कॉलेज में पढऩे जा रहे थे। तभी मथुरा की तरफ से तेज गति में आ रही बस ने बाइक सवार छात्रों में टक्कर मार दी। घटना में रितेश गुर्जर, मुकुल व चेतन चौधरी व रामकेश बुरी तरह से घायल कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल छात्रों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां चिकित्सकों ने रितेश गुर्जर, मुकुल व चेतन चौधरी को मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल रामकेश की हालत गंभीर होने के कारण आगरा के लिए रैफर कर दिया, लेकिन परिजनों के घायल को भरतपुर ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पुलिस ने क्षतिग्रस्त हुई बस और बाइक को कब्जे में लिया। पुलिस ने तीनों शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया। घटनास्थल पर सीओ आलोक कुमार पर पहुंच कर हादसे की जानकारी ली। छात्रों की मौत की खबर से परिजनों में कोहराम मच गया। सीओ आलोक सिंह का कहना है कि बस और बाइक की टक्कर हुई है। हादसे में चार छात्रों की मौत हुई है। मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया है।

बहन से कहा… आज आलू के परांठे खाने हैं

हादसे के मृतक रामकेश के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वह चार बहनों का इकलौता भाई था। उसकी बहन ने बताया कि भाई सुबह कॉलेज जाते समय शाम को आलू के परांठे बनाने को कहकर गया था। शेरगढ़ निवासी छात्र मुकुल पुत्र विजेन्दर की भी इस हादसे में मौत हुई है। मृतक मुकुल के तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। पढऩे लिखने में काफी होशियार मृतक मुकुल के पिता विजेन्दर परम्परागत व्यवसाय खेती बाड़ी का काम करते ही हैं, खेती किसानी से समय मिलने पर बयाना के रीको औद्योगिक क्षेत्र में भी मजदूरी कर लेते हैं। मृतक के दो छोटे भाई दिल्ली में रहकर ओला जैसी कम्पनी कें लिए काम करते हैं। अपने बेटे की मौत से पिता विजेन्दर गहरे सदमे में हैं।

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