जयपुर. सत्ता परिवर्तन के साथ ही सरकार की योजनाओं के नाम भी बदल दिए जाते हैं। इतना ही नहीं सत्ता में आते ही नई सरकार साइकिलों का रंग भी बदल डालती है। सरकार की ओर से भले ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए तरह-तरह की योजनाएं शुरू की जाती हैं लेकिन अधिकतर योजनाओं का फायदा बेटियों को समय पर नहीं मिल पाता। ऐसा ही कुछ सरकार द्वारा शिक्षा विभाग में चलाई जा रही नि: शुल्क साइकिल वितरण योजना का हो रहा है। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 वीं उत्तीर्ण होने वाली बालिकाओं को नि:शुल्क साइकिल वितरण योजना वर्ष 2011 में शुरू की गई थी। यह योजना दूर दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई थी। इतना ही नहीं जब भी प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ, उसके साथ ही पात्र बेटियों को दी जाने वाली नि:शुल्क साइकिलों का रंग भी कभी काला तो कभी भगवा बदलता रहा है। लेकिन सरकार की यह योजना बेटियों के लिए समय पर सहारा नहीं बन पाई है।
जानकारी के अनुसार राज्य में नवंबर 2021 में मुफ्त साइकिल बांटी गई थी। इसके बाद दो साल से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली पात्र बालिकाओं को साइकिलों का इंतजार करना पड़ा था और उसके बाद मार्च 2024 में साइकिलों का वितरण किया गया था। अब नया सत्र शुरू हो गया और अर्द्धवार्षिक परीक्षा का समय संभवत शिक्षा विभाग के शिविरा पंचांग के अनुसार 12 दिसंबर से शुरू होने को है लेकिन अभी तक बेटियों को साइकिल का वितरण नहीं हो पाया है। जबकि जिले में साइकिलों को असेंबल करने का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। साइकिलें वितरण के अभाव में खुले मैदान में धूल फांक रही है। दूदू जिले में भी साइकिलें वितरण के इंतजार में खड़ी हैं।