सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर). क्षेत्र में बिनौला के भाव में लगातार गिरावट आ रही है। इसका सीधा असर नरमा के भावों पर पड़ रहा है। मंडी में अब तक साढ़े सत्रह हजार क्विंटल नरमा की आवक हो गई है। भाव कम होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहराने लगी है। वही, वर्तमान में नरमा के भाव कम होने से सीसीआई पैनी नजर रखी हुई है।
नई धानमंडी में नवरात्रा पर नरमा की आवक शुरू हुई। प्रथम दिन 7411 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से विक्रय हुई। बीच में नरमा के भाव 7785 रुपए तक पहुंच गए थे। वर्तमान में नरमा के भाव में लगातार गिरावट हो रही है। कम गुणवत्ता वाला नरमा 7200 रुपए तक पहुंच गए हैं। नरमा के भाव बिनौला के भावों पर निर्भर रहते हैं। शुरुआत में बिनौला के भाव 4800 रुपए प्रति क्विंटल रहे। वर्तमान में बिनौला के भाव घटकर 3700 रुपए तक पहुंच गए। व्यापारियों का कहना है कि नई धानमंडी में नरमा के भाव लगातार कम हो रहे हैं। आगामी दिनों में नरमा के भाव दो सौ से तीन सौ रुपए कम होने की संभावना है।
कॉटन फैक्ट्रियों के संचालन पर पड़ रहा असर
नरमा के भाव घटने से इसका सीधा असर कॉटन फैक्ट्रियों के संचालन पर भी पड़ रहा है। सूरतगढ़ में स्थानीय स्तर पर पांच तथा आसपास क्षेत्र की पांच कॉटन फैक्टियों का संचालन के लिए नरमा की खरीद नई धानमंडी से हो रही है। प्रत्येक फैक्ट्री को संचालन के लिए प्रतिदिन पांच सौ क्विंटल नरमा की आवश्यकता रहती है। लेकिन नई धानमंडी में प्रतिदिन करीब एक हजार से पन्द्रह सौ क्विंटल ही नरमा की आवक हो रही है। ऐसे में फैक्ट्रियों के मालिकों के समक्ष प्रतिदिन कार्य करने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।