युवाओं के भविष्य में चिट्टे की सेंधमारी

सूरतगढ़. सूरतगढ़ राजस्थान में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जाना जाता है, अब नशे के कारोबार का केंद्र बनता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में युवा पीढ़ी तेजी से नशे की चपेट में आ रही है, खासकर चिट्टा (स्मैक) के मामले में। इस साल सूरतगढ़ सर्कल में एनडीपीएस एक्ट के तहत सिटी, सदर और राजियासर पुलिस थाना में कुल 83 मामले दर्ज किए गए हैं। स्थानीय युवाओं के बीच चिट्टा, अफीम, गांजा और नशीली गोलियों का सेवन बढ़ रहा है, जिससे बच्चों और किशोरों के लिए इनका उपयोग करना आसान हो गया है। जिला पुलिस और प्रशासन इस समस्या से निपटने के लिए अभियान चला रहे हैं, लेकिन नशे की समस्या में कोई कमी नहीं आ रही है।

यह है नशे की लत का कारण

क्षेत्र में नशे के कारोबार करने वाले पहले किशोरों और युवाओं को मुफ्त सेवाएं देकर नशे की लत लगाते हैं। जब युवा इस जाल में फंस जाते हैं, तो वे पढ़ाई या अन्य कार्य के लिए पैसे मांगकर नशे पर खर्च करते हैं। कई बार पैसे की कमी में चोरी और छीनाझपटी तक की घटनाएं सामने आती हैं। युवाओं का कहना है कि शुरुआत में यह शौक था, लेकिन अब यह मजबूरी बन गई है। युवा वर्ग के इस दलदल में धंसने से क्षेत्र में चिंता बढ़ती जा रही है।

यह भी पढ़े…

अज्ञात नकाबपोशों ने एटीएम मशीन को लोहे की राड़ से तोडकऱ रुपए निकालने का किया प्रयास

सूनसान जगहों पर नशे का सेवन

नए हाउंसिग बोर्ड में खाली पड़े आवासीय क्वार्टर अब नशे के अड्डे बन गए हैं। यहां युवा टोली सुबह और शाम को बैठकर चिट्टे का सेवन करते हैं, साथ ही इंजेक्शन और अन्य नशीले पदार्थों का भी उपयोग करते हैं। इनमें अधिकांश युवा स्थानीय नहीं, बल्कि बाहर से आने वाले हैं।

यह भी पढ़े…

सुखबीर सिंह बादल ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, जानें अब कब होगा चुनाव

मादक पदार्थों की आवक

सूरतगढ़ सर्कल में स्मैक पंजाब और दिल्ली से आती है, जिसकी कीमत 2500 से 3000 रुपए प्रति ग्राम है। अफीम जोधपुर के फलौदी और भाप से आती है, जो 2000 रुपए प्रति तोला बिकती है। पोस्त मध्यप्रदेश और राजस्थान के चितौडगढ़़ व प्रतापगढ़ से आती है, जिसकी कीमत 4000 रुपए प्रति किलो है।

यह भी पढ़े…

Elon Musk की कंपनी के साथ ISRO लांच करने जा रहा सबसे भारी और एडवांस सैटेलाइट, भारत के करोड़ो लोगों की हो जाएगी ‘मौज’

हो नियमित जांच कार्य

नागरिकों का कहना है कि बाहर से आकर पढऩे वाले युवाओं का भौतिक सत्यापन होना चाहिए ताकि पता चल सके कि इसमे नशा के कारोबार में कोई संलिप्त तो नहीं है। पुलिस भी नियमित रुप से हॉस्टलों व पीजी के साथ साथ लाइब्रेरियों की जांच करें। युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समय समय पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाए।

विशेषज्ञों की राय

चिकित्सालय में प्रतिदिन 50 में से 25 मरीज नशे से ग्रस्त आ रहे हैं। वर्तमान में इंजेक्शन के जरिए चिट्टा का सेवन बढ़ रहा है, जिससे रोगियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सरकारी नशा मुक्ति केंद्र की स्थापना की आवश्यकता है।-डॉ.कैलाश सारस्वत, मनोरोग विशेषज्ञ, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सूरतगढ़

पुलिस कर रही कार्रवाई

पुलिस और प्रशासन द्वारा संयुक्त अभियान चलाकर नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। नशीले पदार्थों के साथ तस्करों को गिरफ्तार किया जा रहा है और जन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। – प्रतीक मील, डीएसपी, सूरतगढ़

Leave a Comment