समरावता हिंसा पर हनुमान बेनीवाल ने तोड़ी चुप्पी, बोले- सरकार ने मामले को तुल पकड़वाया! इशारों में किरोड़ी लाल पर भी साधा निशाना

टोंक। देवली-उनियारा सीट पर उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में हुए हिंसा पर पहली बार नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने प्रतिक्रिया दी है। बेनीवाल ने घटना को लेकर भजनलाल सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राजस्थान की सरकार ने इरादतन मामले को तुल पकड़वाया। बेनीवाल ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा- “टोंक जिले के देवली -उनियारा विधानसभा में मतदान दिवस के दिन जो कुछ हुआ वो सभी के सामने है, लेकिन सरकार के इशारे पर समरावता गांव में जिस तरह आम लोगों के साथ पुलिस ने जो अमानवीय बर्ताव बर्ताव किया, गलत गिरफ्तारियां की वो उचित नहीं है, किसी प्रकरण की आड़ में पूरे गांव को दोष देना न्यायोचित नहीं है,राजस्थान की सरकार ने इरादतन मामले को तुल पकड़वाया!”

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बेनीवाल बोले- ग्रामीणों को तत्काल रिहा किया जाये

हनुमान बेनीवाल ने सरकार से निर्दोष ग्रामीणों की तत्काल रिहाई की मांग और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा पर निशाना साधा। बेनीवाल ने लिखा कि सरकार ने मुकदमों की आड़ में जो गलत गिरफ्तारियां करवाई है उन ग्रामीणों को तत्काल रिहा किया जाए और जो भय का माहौल टोंक जिले में बनाया है, उस माहौल को दूर करने के लिए तत्काल सौहार्दपूर्ण वातावरण में ग्रामीणों से बात की जाए क्योंकि सरकार के एक मंत्री ने वहां जो बातें ग्रामीणों के समक्ष रखी थी उन बातों में भरोसा कम व राजनीति ज्यादा थी।

टोंक जिले के देवली -उनियारा विधानसभा में मतदान दिवस के दिन जो कुछ हुआ वो सभी के सामने है लेकिन सरकार के इशारे पर समरावता गांव में जिस तरह आम लोगों के साथ पुलिस ने जो अमानवीय बर्ताव बर्ताव किया, गलत गिरफ्तारियां की वो उचित नहीं है,किसी प्रकरण की आड़ में पूरे गांव को दोष देना…

— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) November 16, 2024

जानें पूरा मामला

दरअसल, उपचुनाव में वोटिंग के दिन यानी 13 नवंबर को देवली-उनियारा के निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीना ने गुस्से में आकर समरावता गांव के एक बूथ पर एसडीएम को थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। नरेश मीना समरावता गांव में धरने पर बैठ गए। देर शाम पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने धरना स्थल पर पहुंची। नरेश मीना को हिरासत में लेने के बाद समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई, जो देर रात तक जारी रही। इस दौरान समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर पथराव की घटनाएं भी सामने आई।

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