Rajasthan News: जयपुर। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने सात नवम्बर तक पर्यावरणीय मंजूरी नहीं लेने वाली खानों को बंद करने का आदेश दिया था। राजस्थान की करीब 23 हजार खानों से संबंधित इस मामले में एनजीटी के आदेश की निर्धारित अवधि गुरुवार को पूरी हो गई, वहीं गुरूवार को ही चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चन्द्रचूड ने राज्य सरकार का जल्द सुनवाई का आग्रह मान लिया।
सीजेआई के निर्देश पर आज इस मामले में भजनलाल सरकार की याचिका पर सुनवाई होगी। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी और अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवमंगल शर्मा के अपील के तत्काल सुनवाई के आग्रह पर गुरूवार को सीजेआई ने सहमति जताई। ऐसे में बड़ा सवाल ये है कि क्या राजस्थान सरकार को बड़ी राहत मिलेगी या नहीं? क्योंकि यह मामला 15 लाख लोगों के रोजगार से भी जुड़ा हुआ है।
यह भी पढ़ें: राजस्थान की 23 हजार खान व 15 लाख लोगों के राेजगार पर संकट, सरकार ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
भजनलाल सरकार ने की ये मांग
भजनलाल सरकार की ओर से कहा कि मामला लगभग 23,000 खनन पट्टों पर संकट से जुड़ा है। इस मामले से सीधे तौर पर लगभग 15 लाख लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। अपील में इन खानों के लाइसेंस के संबंध में पर्यावरणीय नियमों का पालन करने के लिए समय बढ़ाने की मांग की गई है।
यह भी पढ़ें: राजस्थान के 17 नए जिलों पर मंथन लगभग पूरा, 5 से ज्यादा जिलों पर गिर सकती है गाज