नागौर। नागौर जिला परिषद के सदस्य संजीवसिंह डांगावास ने मंगलवार को भाजपा व जिला परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। पूर्व सांसद व पूर्व मंत्री भंवरसिंह डांगावास के पुत्र संजीवसिंह ने पत्रकार वार्ता में पत्रकारों के समक्ष अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि वे और उनके पिता पिछले 30 साल से भाजपा की सेवा कर रहे हैं, इसके बावजूद पार्टी में उनकी उपेक्षा व अपमान हो रहा है।
कल-परसों भाजपा में आए नेताओं को सीएम के पास मंच
डांगावास ने कहा कि कल-परसों जो लोग कांग्रेस व अन्य पार्टियां छोड़कर भाजपा में आए, उन्हें मुख्यमंत्री के पास मंच पर बैठाया जा रहा है, जबकि वे वर्षों से पार्टी की सेवा कर रहे हैं, उन्हें नीचे बैठना पड़ रहा है। डांगावास ने कहा-” कुछ लोग भाजपा में केवल अपने स्वार्थ के लिए आए हैं। इन लोगों ने पहले कांग्रेस को खत्म किया और अब वे भाजपा को खत्म करने आए हैं। मैंने अपनी पीड़ा पार्टी के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के समक्ष रखी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, इसलिए भारी मन से आज भाजपा को छोड़ रहा हूं।”
उधार की फौज से नहीं जीती जाती जंग
डांगावास ने कहा कि उधार की फौज से जंग नहीं जीती जाती। उन्होंने जिला परिषद में भी पार्टी के सदस्य होने के बावजूद काम नहीं होने का आराेप लगाया। डांगावास ने कहा कि जिला परिषद में जिला प्रमुख के चुनाव में मेरा नाम था, लेकिन मुझसे पैसे मांगे गए। पिछले साढ़े चार साल में उनके कोई काम नहीं हुए, इसलिए भाजपा के साथ जिला परिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा दे रहा हूं। डांगावास ने कहा कि वे अब किसी भी पार्टी को ज्वाइन नहीं करेंगे, केवल समाज सेवा के कार्य करेंगे।
भाजपा जिला अध्यक्ष बोले- चूक हो सकती है, बात करूंगा
नागौर भाजपा जिलाध्यक्ष रामनिवास सांखला ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भाजपा ज्वाइन करना चाहता है तो हम उसे मना थोड़ी करेंगे। भाजपा में कोई भी आ सकता है। जहां तक पार्टी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की बात है तो ऐसा नहीं है। हां, कहीं चूक हो सकती है, मैं संजीवसिंह डांगावास से इस संबंध में बात करूंगा।
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