Rajasthan Air Pollution: दिवाली शुरू होते ही हवा में घुलने लगा जहर, दो दिन बाद हालात और बिगड़ने की संभावना

Alwar News: अलवर। दिवाली का पर्व शुरू होते ही एनसीआर में ग्रेप लगाने की तैयारी हो जाती है और इस बार भी ऐसा ही हुआ है। प्रदूषण मंडल एनसीआर की आबोहवा को देखते हुए ग्रेप-1 व ग्रेप-2 की पाबंदी लगा दी है। वर्तमान में राजस्थान के अधिकांश जिलों की आबोहवा येलो जोन में शामिल है। दौसा 242 व गंगानगर में 211 एक्यूआई है, जो रेड जोन यानि खतरे की निशान पर है, लेकिन डूंगरपुर 67 और बांसवाड़ा की आबोहवा सांस लेने लायक है। अलवर और भिवाड़ी में पिछले सात दिनों में एक्यूआई में उछाल देखा गया है।

बुधवार को अलवर का एक्यूआई 98 और भिवाड़ी 115 दर्ज किया गया है। वहीं, बताया जाता है कि अलवर जिले में ग्रेप-2 की पाबंदी होने के बाद भी सभी प्रकार के कार्य चल रहे हैं। कचरे को जलाया जा रहा है, सड़कों पर धूल उड़ रही है, निर्माण के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं, वाहनों पर नियंत्रण नहीं, कंपनियों से लगातार धुआं निकल रहा है, लेकिन प्रशासन मौन है।

दो दिन बाद हालात और बिगड़ने की संभावना

दिवाली के बाद एकदम एक्यूआई का ग्राफ चढ़ जाता है। क्योंकि दिवाली पर आमजन की ओर से पटाखे चलाने से आबोहवा प्रभावित होती है। साथ ही किसानों की ओर से खरीफ फसल खेतों से हटने के बाद जो अवशेष रह जाते हैं, उन्हें किसान जलाता है और खेतों की जुताई के दौरान मिट्टी के कण हवा में मिल जाने के हवा खराब हो जाती है।

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ग्रेप-3 लगने की संभावना

एनसीआर में आए दिन एक्यूआई में उछाल होने के बाद प्रदूषण मंडल ग्रेप-3 की पाबंदी लागू करने की तैयारी में जुट गया है। आने वाले कुछ दिनों में ग्रेप-3 की पाबंदी लागू हो जाएंगी। इसमें निर्माण और तोड़फोड़ के काम, बोरिंग और ड्रिलिंग, पाइलिंग वर्क, ओपन ट्रेंच सिस्टम से होने वाले सीवर लाइन, ड्रेनेज और इलेक्ट्रिक केबल के काम, ईंट भट्टों आदि के काम, आरएमसी बैचिंग प्लांट, बडे़ वेल्डिंग वर्क और गैस कटिंग काम नहीं हो सकेंगे। कच्ची सड़कों पर गाड़ियां नहीं चलेंगी आदि को शामिल किया गया।

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