करीब 870 वर्ष पुराने जैसलमेर के सोनार दुर्ग की रियासतकालीन जेल में शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर का विधिवत रूप से दिवाली से ठीक पहले आगाज हो गया। जिस दुर्ग को निहारने प्रतिवर्ष लाखों की तादाद में देशी-विदेशी सैलानी आते हैं और तीन हजार से ज्यादा लोग स्थायी रूप से निवास करते हैं, वहां पहली बार अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता हो सकेगी। इसके लिए राजस्थान पत्रिका ने विगत वर्षों के दौरान कई समाचार प्रकाशित किए और बताया कि दुर्ग में चिकित्सा केंद्र होने से आसपास के पुराने शहर के बाशिंदों को भी बड़ी सुविधा मिल सकेगी। इस चिकित्सा केंद्र की राह में कई अवरोध आए। आखिरकार राज्य सरकार ने जनप्रतिनिधियों की अनुशंषा पर दुर्ग में शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर को मंजूरी प्रदान कर दी। रविवार को क्षेत्रीय विधायक छोटूसिंह भाटी, नगरपरिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला और पार्षद सीमा गोपा ने फीता काटकर व शिलापट्ट का अनावरण कर इसका विधिवत लोकार्पण किया गया। लोकार्पण के बाद अतिथियों ने शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर भवन के वार्ड, दवा वितरण केंद्र व चिकित्सक कक्ष का निरीक्षण किया। सीएमएचओ डॉ. बीएल बुनकर ने इस केंद्र में प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी दी।
स्वास्थ्य सेवाओं का मिलेगा लाभ
विधायक छोटूसिंह भाटी ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए चिकित्सा संस्थान के लोकार्पण की बधाई दी और कहा कि इस केंद्र के माध्यम से स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सभापति हरिवल्लभ कल्ला ने कहा कि दुर्ग क्षेत्र में शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर की स्थापना होने से क्षेत्रवासियों को दुर्ग में ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि व सुधार के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओ का लाभ मिल सके। पार्षद सीमा गोपा ने विधायक, सभापति व चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का आभार प्रकट किया। दुर्ग निवासी बालकृष्ण गोपा, चंद्रशेखर श्रीपत आदि ने शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर खुलने पर प्रसन्नता का इजहार किया। कार्यक्रम का मंच संचालन उमेश आचार्य ने किया।
चिकित्सक व अन्य स्टाफ नियुक्त
सोनार दुर्ग के शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर में एक चिकित्सक, दो जीएनएमए, एक-एक एएनएम व फार्मासिस्ट की नियुक्ति कर दी गई है। गौरतलब है कि सोनार दुर्ग की तंग गलियों से बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना बहुत कठिन कार्य होता है। इसके अलावा दुर्ग घूमने आने वाले पर्यटकों को कई बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पेश आती हैं। उन सभी को इस चिकित्सा केंद्र में फौरी तौर पर उपचार की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही दुर्ग व इसके आसपास के कम से कम 6-7 वार्डों के हजारों बाशिंदों को भी इस केंद्र की सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद है।