कोर्ट का निर्णय: दोषी को बीस साल कठोर कारावास

श्रीगंगानगर. पांच साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोपी को अदालत ने दोषी मानते हुए बीस साल कठोर कारावास व एक लाख रुपए जुर्माने की सजा से दंडित किया है। यह निर्णय पोक्सो प्रकरणों की स्पेशल कोर्ट संख्या दो के स्पेशल जज राजेश कुमार ने सुनाया। जिस आरोपी को दोषी माना गया है वह पीड़िता का पारिवारिक रिश्ते में चाचा बताया जाता है। इस वजह से पीड़िता के मूल पिता ने घटना के दो दिन बाद न्याय दिलाने के लिए पुलिस की शरण ली। विशिष्ट लोक अभियोजक हरवीर सिंह बराड़ ने बताया कि 2 अप्रेल 23 को रायसिंहनगर थाने में पीड़िता के पिता ने मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया कि उसकी तीन बेटियां और एक बेटा हैं, उसने अपनी बड़ी बेटी जिसकी आयु करीब चार साल है। अब यह पांच साल की हो चुकी है। बेटी को चाची को गोद दिया था। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ बीकानेर जिले में मजदूरी करने के लिए पलायन कर गया। 31 मार्च 23 को उसकी चाची ने बताया कि उसकी बेटी खेत में साथ गई थी। वहां बैरी के पेड़ के नीचे खेल रही थी कि कुछ देर बाद वह नहीं मिली, लेकिन इस पेड़ के पास ही बंछटियों के ढेर के नीचे बच्ची के रोने की आवाज आई तो वहां आसपास के लोग दौड़े और इस ढेर से बाहर निकाला। ढेर के नीचे सिंगारा सिंह इस बच्ची के साथ दुष्कर्म कर रहा था। बच्ची के अंदरुनी हिस्से में गहरी चोटें भी आई। इसका उपचार कराया गया। रायसिंहनगर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और अदालत मे चालान पेश किया।

इन-इन धाराओं में सुनाई सजा

विशिष्ट लोक अभियोजक बराड़ ने बताया कि इस विचाराधीन मामले के दौरान पीड़िता समेत 16 गवाहों ने बयान दिए जबकि बीस दस्तावेजी ंसाक्ष्य प्रस्तुत किए गए। वहीं बचाव पक्ष की ओर से चार गवाह भी पेश हुए। अदालत ने आरोपी सिंगारासिंह को दोषी मानते हुए पोक्सो एक्ट की धारा 3 ए, सी, धारा 5 एम, धारा 6 और पोक्सो की धारा 5 एन और धारा 6 में बीस-बीस साल कठोर कारावास व पचास पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना अदा नहीं करने पर छह-छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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