‘देश की रक्षा शस्त्र विद्या से ही संभव, शास्त्र से नैतिकता का ही उत्थान संभव’

नागौर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नागौर नगर की चार बस्तियों में रविवार को पथ संचलन के कार्यक्रम आयोजित हुए। विजयादशमी पर्व के कार्यक्रमों की शृंखला में रविवार को चेनार, हनुमान बस्ती, प्रताप बस्ती व मुख्य स्थान बस्ती में पथ संचलन किया गया।

चेनार बस्ती में स्वयंसेवकों को नागौर विभाग सह बौद्धिक प्रमुख किशन नारायण का मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि विजयादशमी श्रीराम की अन्याय पर न्याय की विजय का पर्व है। मां दुर्गा ने महिषासुर का मर्दन भी इसी दिन किया। विजयादशमी को ही 27 सितम्बर 1925 में डॉ. हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता के अभाव में देश की सुरक्षा उपेक्षित हो गई। देश की रक्षा शस्त्र के माध्यम ही संभव है, केवल शास्त्र से नैतिकता का ही उत्थान संभव हो सकता है।

चेनार बस्ती का संचलन कुम्हारों का बास स्थित चौराहे से प्रारंभ हुआ, जो चूंगी चौकी नाका, हनुमान बाग, पांचोता, जगावता, बड़की बस्ती व पंवारों के बास से होता हुआ हनुमान बाग स्थित संतोषी माता के मंदिर प्रांगण में समाप्त हुआ। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता खेमाराम के मुख्य आतिथ्य में शस्त्र पूजन संपन्न हुआ। मुख्य स्थान बस्ती के संचलन से पूर्व शस्त्र पूजन किया गया। सह जिला कार्यवाह मनीष शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि सज्जन शक्ति को शक्ति संपन्न बनाकर देश के विकास में लगना होगा। उन्होंने बताया कि संस्कारजन्य वातावरण घर-घर और समाज में बनाना होगा, जहां पर सामाजिक समरसता एवं कुटुंब प्रबोधन की व्यवस्था उचित रूप से बनी हुई हो। पर्यावरण को दृष्टिगत रखते हुए हमको अपनी धरती को बचाने का प्रयास करना है। स्वदेशी भाव का विकास हम सबके मन में सदैव बना रहे। इस दौरान स्वयंसेवकों ने दंड सहित शारीरिक प्रदर्शन भी किया।

हनुमान बस्ती का संचलन बख्तसागर के समीप बारला मंदिर से प्रारंभ हुआ तथा संचलन का समापन हनुमान मंदिर स्थित संघ स्थान पर हुआ। इस संचलन में जिला सद्भावना के सूरजमल भाटी ने बौद्धिक पाथेय प्रदान किया। प्रताप बस्ती में जिला बौद्धिक प्रमुख पुखराज राव का उद्बोधन हुआ।

संचलन में सहभागी बनी तीन पीढ़ियां

रविवार को निकाले गए संचलनों में अनेक स्थानों पर दो-दो पीढी तथा हनुमान बस्ती स्थित संघ स्थान पर संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता रुद्रकुमार, उनके पुत्र मनीष ने अपने पुत्र के साथ संचलन में भाग लिया। संचलन में संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता भूराराम चौधरी, हनुमान सिंह देवड़ा, सुगनाराम गहलोत व सत्यपाल सांदु सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर युवा स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया।

संचलन में भारतीय वाद्य शास्त्रीय रचनाएं बजी

स्वयंसेवकों की ओर से नागौर जिला मुख्यालय की 16 बस्तियों में से चार बस्तियों में निकाले गए संचलन में भारतीय वाद्यों का प्रयोग किया गया। संघ के घोषवादकों ने पण्णव, आणक, झांझ, त्रिभुज, बंसी व शंख जैसे भारतीय वाद्यों का प्रयोग करते हुए श्री राम, किरण, उदय व भूप आदि शास्त्रीय रचनाओं से वातावरण को गूंजायमान किया। स्वयंसेवकों ने कंधे पर गणवेश का दंड धारण कर घोषवादन के साथ कदम से कम मिलाते हुए संचलन में भाग लिया। मार्ग में मातृशक्ति सहित अनेक सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों ने पुष्पवर्षा करके तथा उद्घोष लगाकर स्वयंसेवकों का मनोबल बढ़ाया।

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