नौ मिनट तक जलता रहा दशानन, कुम्भकर्ण और मेघनाद का ‘अहंकार’

असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व विजयादशमी स्वर्णनगरी जैसलमेर में शनिवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। स्थानीय शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में हजारों शहरवासियों व ग्रामीणों की मौजूदगी में सायं ठीक 6.51 बजे दस सिरों वाले रावण के पुतले पर च्तीरज् चलाया गया और वह आतिशी नजारों व धमाकों के साथ जलना शुरू हुआ। बाद में बारी-बारी से कुम्भकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया गया। इस बार विजयादशमी पर पुतलों का दहन करीब 9 मिनट तक चला और उसके साथ ही आतिशबाजी होती रही। आकाश में रंगीन आतिशबाजी के फव्वारे और सितारे झिलमिलाते रहे। दर्शकों ने जमकर इन नजारों को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। जैसलमेर विधायक छोटूसिंह भाटी, जिला प्रमुख प्रतापङ्क्षसह सोलंकी, नगरपरिषद सभापति हरिवल्लभ कल्ला, जिला कलक्टर प्रतापसिंह, पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रप्रकाश शारदा ने सांकेतिक रूप से तीर चलाकर पुतलों के दहन का आगाज किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टेडियम में मौजूद रहा।

स्टेडियम में उमड़ी भीड़

शहीद पूनमसिंह स्टेडियम में रावण और कुम्भकर्ण व मेघनाद के पुतलों का दहन देखने के लिए हजारों की तादाद में लोग उमड़े। सायं 5 बजे के बाद से लोगों के वहां पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो डेढ़ घंटे तक चलता रहा। स्टेडियम के सभी पैवेलियन खचाखच भर गए। इसके अलावा पुतलों के चारों तरफ घेरा बना कर लोग भी खड़े थे। स्टेडियम की चारदीवारी पर भी अनेक लोग आतिशी नजारों को निहार रहे थे। पुतलों के दहन व आतिशबाजी को देखकर दर्शकों ने खुशी का इजहार किया। स्टेडियम क्षेत्र में मेला लग गया। इस बार नगरपरिषद की तरफ से 45 फीट का रावण और 40-40 फीट के कुंभकर्ण व मेघनाद के पुतले बनवाए गए। तीनों पुतलों की आंखों व सिर से आतिशी नजारों को निकलते देख हर कोई रोमांचित हुआ। शोरगरों ने बारी-बारी से पुतलों के दहन के साथ कई तरह पटाखे छोड़े और आकाशीय आतिशबाजी करवाई।

Leave a Comment