– सूचना के बाद भी नहीं पहुंचे यातायात कर्मी
– दोनों वाहनों पर किया 54200 रुपए का जुर्माना
धौलपुर. शहर में अवैध खजिन सामग्री प्रतिदिन सुबह के समय बाड़ी से गुलाब बाग चौराहे होते हुए निकलती है। ये खनिज सामग्री ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में रहती है। ये वाहन चालक सिस्टम को ठेंगा दिखाते हुए खुलेआम अवैध खनिज सामग्री सप्लाई करने ले जाते हैं। गुलाब बाग के पास आधा दर्जन ट्रेक्टर-ट्रॉलियों में ओवरलोड पत्थर (खड्डा) निकलता दिखा। मौके से निकल रही एसडीएम डॉ.साधना शर्मा ने इन वाहनों में से प्रयास कर दो को रुकवा लिया। इनसे रवन्ना मांगा तो इनके पास कोई कागजात नहीं थे। जिस पर यातायात पुलिस को सूचना दी लेकिन आधे घंटे तक कोई नहीं पहुंचा। बाद में खनि अभियंता पुष्पेन्द्र मीणा को सूचना दी। जिस पर खनिज विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर वाहनों को जब्त कर 54 हजार 900 रुपए जुर्माना किया।
जानकारी के अनुसार रोजाना की तरह बाड़ी रोड से जिला कलक्ट्रेट के सामने से होते हुए गुलाब बाग चौराहे से सर्विस लेन होते हुए अवैध मैसनरी स्टोन से लदी आधा दर्जन ट्रेक्टर-ट्रॉलियां कृषि उपज मण्डी समिति की ओर जा रही थी। सर्विस लेन से निकल रही एसडीएम शर्मा ने इन्हें रोकने के लिए कहा। जिस पर स्टाफ ने प्रयास कर दो ट्रेक्टर-ट्रॉलियों को रुकवा लिया जबकि अन्य चालक मौके से वाहनों को भगा ले गए। इन पर रजिस्ट्रेशन नम्बर भी अंकित नहीं थे। रुकवाए वाहन चालकों ने मैसनरी स्टोन को लेकर रवन्ना मांगा मो कोई कागजात नहीं मिला। जिस पर यातायात प्रभारी टीनू सोगरवाल को सूचना दी। लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंची। करीब आधे घंटे बाद यातायात कर्मी पहुंचे। इस बीच एसडीएम ने खनि अभियंता को सूचना दी। जिस पर वरिष्ठ खनि कार्यदेशक मनमोहन मीणा को भेजकर कार्रवाई की गई। पकड़े ट्रेक्टर-ट्रॉलियों को निहालगंज थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
कार्यालय फिर भी दिखाते हैं लापरवाही
गुलाब चौराहे पर यातायात पुलिस का अस्थाई कार्यालय है। यह शहर का व्यस्त चौराहा होने के बाद भी यहां पर दिनभर अव्यवस्था रहती है। चौराहे से वाहन गलत दिशा से जाते हुए नजर आ जाएंगे। जिससे कई दफा हादसे की आशंका बनी रहती है। एसडीएम ने कार्रवाई की वहां से यातायात कार्यालय मात्र करीब 200 मीटर की दूरी पर था लेकिन इसके बाद भी समय पर यातायात कर्मी मौके पर नहीं पहुंच पाए। बता दें कि अवैध खनिज सामग्री से लदे ये ट्रेक्टर-ट्रॉली प्रतिदिन इसी चौराहे से निकलते हैं लेकिन यातायात पुलिस इनसे नजरें हटा कर रखती है।