जोधपुर.
मण्डोरथानान्तर्गत नौ मील पर एक फैक्ट्री के पास लोहे के पाइप से सिर पर हमला कर मण्डोर मण्डी के व्यवसायी से 31 लाख रुपए लूट लिए गए। फुटेज व मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस ने दो दम्पतियों को नामजद किया और तलाश के बाद शुक्रवार रात एक दम्पती और एक महिला को गिरफ्तार किया।
पुलिस उपायुक्त (पूर्व) आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि राम मोहल्ला में दामोदर कॉलोनी निवासी मनीष पुत्र मुरलीधर डागा मण्डी में व्यवसायी है। गत 2 अक्टूबर रात साढ़े दस बजे वो पहले से परिचित ट्रक चालक बुद्धाराम देवासी से मिलने के लिए मण्डोर नौ मील गए थे। मोपेड के पायदान पर कपड़े की थैली में 31 लाख रुपए रखे हुए थे। उसने एक फैक्ट्री के पास मोपेड खड़ी की। हेलमेट डिक्की में रखा और ट्रक चालक का इंतजार करने लग गया। तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर एक व्यक्ति आया और उसने लोहे का पाइपनुमा हथियार निकाला और मोपेड के पास खड़े व्यवसायी के सिर पर वार कर दिया। इससे व्यवसायी नीचे गिर गए। तब बाइक चालक मोपेड पर रखी रुपए की थैली लूटकर भागने लगा। व्यवसायी ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो आरोपी ने पाइप से सिर पर एक और वार किया। फिर वह रुपए लेकर भाग गया।
व्यवसायी को नयापुरा में सैटेलाइट अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार किया गया। पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन भर्ती होने से व्यवसायी ने गुरुवार को अज्ञात के खिलाफ लूट का मामला दर्ज कराया।
सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) पीयूष कविया के निर्देशन में थानाधिकारी रमेश खिडि़या ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी पहलुओं से तलाश शुरू की। इनसे मिले सुराग से पाली जिले में शिवपुरा थानान्तर्गतभाणिया गांव निवासी ट्रक चालक बुद्धाराम पुत्र सोनाराम देवासी, उसकी पत्नी गीतादेवी और शिवपुरा थानान्तर्गतहापत गांव निवासी ललिता पत्नी अर्जुन देवासी को गिरफ्तार किया। ललिता का पति अर्जुन मुख्य आरोपी है, जो फरार हो गया था। उसके संबंध में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। आरोपियों से लूट की राशि बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दोनों दम्पती पर 5 से 7 लाख का कर्जा
पुलिस का कहना है कि बुद्धाराम और अर्जुन आपस में रिश्तेदार है। अर्जुन ट्रक चालक बुद्धाराम की पत्नी गीता का भांजा है। दोनों पर 5 से 7-7 लाख रुपए का कर्जा है। बुद्धाराम और व्यवसायी मनीष डागा पुराने परिचित हैं। बुद्धाराम को व्यवसायी के पास हर समय मोटी रकम होने की जानकारी थी। ऐसे में दोनों ने लूट की साजिश रची थी। बुद्धाराम ने व्यवसायी को मिलने नौ मील बुलाया था, जहां पहुंचने पर अर्जुन ने उस पर हमला कर 31 लाख रुपए लूट लिए थे। आरोपियों को एहसास नहीं था कि थैली में इतनी बड़ी राशि होगी।